रायगढ़ में जिला स्तरीय उद्यानिकी कृषक संगोष्ठी: किसानों को प्रदूषण और बंदरों से बचाव के उपाय बताए गए

प्रदूषण और वन्य जीव संकट: मधुमक्खी और भौंरा भी प्रभावित, स्वच्छ वातावरण जरूरी – विशेषज्ञ कन्हैया पटेल

रायगढ़। 14 मार्च 2026 को कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बोईरदादर में उद्यानिकी विभाग रायगढ़ द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी में जिले के सौ से अधिक बागवानी कृषक शामिल हुए। इस अवसर पर उद्यानिकी विशेषज्ञ एवं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत बागवानी तकनीक, प्रदूषण से बचाव और फसल संरक्षण के उपायों के बारे में मार्गदर्शन दिया।


प्रदूषण की मार: फसल और मधुमक्खियों पर असर

विषय वस्तु विशेषज्ञ कन्हैया पटेल ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण नींबू, आम और साग सब्जियों की पैदावार प्रभावित हो रही है। काले धूल के जमाव से पत्तियों की प्रकाश-संश्लेषण क्षमता कम हो रही है, जिससे पौधों का विकास बाधित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मधुमक्खी और भौंरा भी डस्ट और प्रदूषण के कारण मर रहे हैं, जबकि ये जीव फूलों का रस चूस कर अपना आहार प्राप्त करते हैं।

पटेल ने कहा कि लैलूंगा क्षेत्र में प्रदूषण कम होने से वनिकी फसलें बेहतर उत्पादन दे रही हैं, इसलिए स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखना आवश्यक है।


बंदरों से फसल सुरक्षा: सामूहिक प्रयास जरूरी

उद्यानिकी विभाग की सहायक संचालक रंजना माखीजा ने किसानों को सामूहिक खेती और बाड़ा लगाने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंदरों से फसल नुकसानी के लिए शासन की ओर से कोई मुआवजा प्रावधान नहीं है। वहीं, किसानों को पौध रोपण और बोर खनन के लिए अनुदान लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।


किसानों का अनुभव और सुझाव

किसानों ने संगोष्ठी में अपने अनुभव साझा किए। गोर्रा गांव के एक कृषक ने बताया कि पॉम की खेती करने पर पहले गाय-बैल ने नुकसान पहुंचाया, लेकिन अब बाड़ा लगाने से समस्या कम हुई है।

सभी किसानों को उद्यानिकी बागवानी योजनाओं का लाभ लेने और आर्थिक सशक्त बनने का संदेश दिया गया।


विशिष्ट उपस्थितियाँ और सम्मान

संगोष्ठी में रायगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता चौहान, पुसौर जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता चौहान, कृषि महाविद्यालय के डीन ए के सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ डी के महंत, कृषि वैज्ञानिक डॉ बी एस राजपूत सहित जिले के कई जनप्रतिनिधि, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और किसान उपस्थित थे।

सफल मंच संचालन डॉ के डी महंत और कविता पैकरा ने किया। इस अवसर पर सभी किसानों को प्रमाण पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

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